• October 28, 2026 10:30 am

विधानसभा में खण्डूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि…

ByAyushi News

Oct 28, 2026

 

भराड़ीसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की रक्षा से लेकर उत्तराखंड के विकास तक महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके साहस और रणनीतिक कौशल तथा सेना की इंजीनियरिंग सेवाओं में सीमांत क्षेत्रों के विकास में योगदान को मुख्यमंत्री ने स्मरण किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद खण्डूड़ी ने राजनीति में प्रवेश किया और वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। उन्होंने पांच बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तराखंड की आकांक्षाओं और पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

धामी ने कहा कि वर्ष 2007 और 2011 में मुख्यमंत्री रहते हुए खण्डूड़ी ने पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और अनुशासित शासन की मिसाल पेश की। मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था की दिशा में उनकी पहल उनके स्वच्छ प्रशासन के प्रति समर्पण को दर्शाती है। 19 मई 2026 को 91 वर्ष की आयु में उनका निधन प्रदेश और राष्ट्र के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन जनसरोकारों के लिए समर्पित रहा। छात्र राजनीति से शुरुआत कर ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री तक का सफर तय करने वाले बिष्ट आम लोगों, श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिष्ट ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए प्रयास किए। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंत्री के रूप में श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े विभागों में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण सदैव सम्मान का विषय है। हीरा सिंह बिष्ट की स्पष्टवादिता, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा। दोनों नेताओं का निधन उत्तराखंड के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है।